Monday, 3 October 2016

देश की पहली ड्राइवरलेस रोप-वे मेट्रो चलेगी दिल्ली NCR में, 4000 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट

देश की पहली ड्राइवरलेस रोप-वे मेट्रो चलेगी दिल्ली NCR में, 4000 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट:

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'नई दिल्ली। मोदी सरकार ने रोप-वे पर ट्रॉली की तरह चलने वाली पॉड टैक्सी के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। ये प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर में लाया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के तहत ये काम शुरू होगा। 4 ग्लोबल फर्मों ने भी इसके लिए टेंडर भेजे हैं। ये पायलट प्रोजेक्ट 800 करोड़ रुपए का है। इसे पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) या मेट्रिनो के नाम से भी जाना जाता है। 

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आखिर है क्या यह मेट्रिनो प्रोजेक्ट...
इसमें पैसेंजर एक बिना ड्राइवर के पॉड (ट्रॉली) में सफर करेंगे। ये पॉड रोपवे पर चलेंगे। 800 करोड़ का ये प्रोजेक्ट दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एमएच-8 पर शुरू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट एनएच-8 से बादशाहपुर तक 12.3 किमी के दूरी के लिए होगा। यह राजीव चौक, इफ्को और सोहना रोड को भी कवर करेगा। एक स्ट्रेच में 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। एक पॉड में 5 लोग बैठ सकेंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ये प्रोजेक्ट 4 हजार करोड़ रुपए का है। पहले फेज में 70 किमी दूरी के धौला कुआं (दिल्ली) से मानेसर (हरियाणा) को कवर करने का प्लान है। इसका मकसद एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करना है। ये रोपवे सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। जमीन से इसकी ऊंचाई 5-10 मीटर होगी।

क्या बोला ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने -
इसे लेकर मेरी अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर वेंकैया नायडू से मीटिंग हो चुकी हैं। इसमें फैसला लिया गया कि प्रोजेक्ट को एनएनएआई के तहत डेवलप किया जाएगा। गडकरी ने ये भी कहा कि अब तक चार टेंडर मिले हैं। जल्द ही मेट्रिनो प्रोजेक्ट के लिए नीलामी शुरू की जाएगी।
कौन-कौन सी कंपनियां होगी शामिल?
अफसरों के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए जिन चार अन्य कंपनियों को मंजूरी मिल सकती है, उसमें लंदन, यूएई, अमेरिका और पोलैंड की कंपनियां हैं। अफसर के मुताबिक, अगर इन कंपनियों के मंजूरी दे दी जाती है तो हाईवे मिनिस्ट्री फाइनेंशियल नीलामी करेगी। अफसर के मुताबिक, हम शुरुआत में 1100 पॉड लगाने की प्लानिंग कर रहे हैं। कोई भी पॉड एक स्टेशन से 12th स्टेशन तक बिना रुके जाएगा। इसके लिए उसे कमांड मिलती रहेगी। ये पूरा प्रोजेक्ट 4 हजार करोड़ का है।

ड्राइवर की लापरवाही से गयी कई जाने, यात्री चिल्ला रहे थे पर नहीं माना ड्राइवर

ड्राइवर की लापरवाही से गयी कई जाने, यात्री चिल्ला रहे थे पर नहीं माना ड्राइवर:

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'भोपाल। मध्य प्रदेश स्थित विदिशा के शमशाबाद से एक किमी दूर लटेरी रोड स्थित सापन नदी पर बने पुल से पैंसेजर बस रविवार दोपहर पलट गई। हादसे में 10 यात्रियों की डूबने से मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए, इनमे से चार की हालत गंभीर है। बस में सवार लोगों  ने जो बताया है उससे यह खुलासा हुआ है कि सड़क काफी खराब होने के बावजूद ड्राइवर बस तेजी से चला रहा था। चिल्ला रहे थे पैसेंजर्स, लेकिन ड्राइवर ने एक ना सुनी...

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भोपाल की रहने वाली 17 साल की काजल करोलिया ने भास्कर को बताया कि भोपाल से लटेरी जा रही बस करीब एक घंटा देरी से चल रही थी। जल्दी पहुंचने के लिए ड्राइवर ने बस की स्पीड काफी तेज कर दी थी, रास्ते में गड्ढों की वजह से पैसेंजर्स को काफी झटके लग रहे थे। यात्रियों ने कई बार ड्राइवर को बस धीरे चलाने को कहा लेकिन उसने स्पीड कम नहीं की। इसके बाद कई लोग चिल्लाने भी लगे थे। दोपहर करीब 1:30 बजे सापन नदी के पुल पर एक गड्ढे की वजह से बस का बैलेंस बिगड़ गया। पुल पर रेलिंग नहीं होने की वजह से वह सीधे नदी में गिर गई और धीरे-धीरे 25 फीट गहरी नदी में समा गई। बस में सवार एक यात्री काजल ने बताया कि कुछ लोग खिड़की और दरवाजे खोलकर नदी से बाहर आ गए। मैं जैसे-तैसे खिड़की के रास्ते बाहर निकल आई, लेकिन मां नहीं निकल सकी। आवाज सुनकर कुछ लोग वहां पहुंचे और उन्होंने मेरे पिता, दो भाई सहित कई लोगों को बाहर निकालकर नई जिंदगी दी। उनका विदिशा जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बस के नदी में गिरने से पहले ही बस चालक और कंडक्टर नीचे कूदकर भाग गए।
बस इंश्योरंस समाप्त हो गया था-
बस मालिक की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसका खामियाजा मृतकों के परिजनों और घायलों को उठाना पड़ेगा। दुर्घटनाग्रस्त का इंश्योरेंस 3 मार्च 2016 को समाप्त हो चुका था। यदि इस बस का इंश्योरेंस होता तो प्रभावितों को कोर्ट के जरिए वाजिब हर्जाना मिल जाता।
फिटनेस और परमिट भी खत्म-
विदिशा डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर भारती वर्मा के मुताबिक, बस का बीमा रिन्यू नहीं होने की जानकारी मिली है। संबंधित आॅपरेटर का बस परमिट और फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। हादसे में भोपाल के न्यू इतवारा निवासी सरोज (43) पत्नी जगदीश करोलिया, लटेरी क्षेत्र के ग्राम कोलावेय निवासी राजकुमारी(30) पत्नी सौभाग्यसिंह यादव, लटेरी के सगड़ा निवासी रागिनी(5) पुत्री ओमप्रकाश अहिरवार, लटेरी के दामखेड़ा निवासी थानसिंह(35) पुत्र विनयसिंह यादव, जटपुरा निवासी सोनू(25) पुत्र जगदीश गुर्जर, शमशाबाद के उमरिया निवासी मानिया बंजारा(25), शमशाबाद के बारोदिया निवासी करण(07) पुत्र भैयालाल अदिवासी, बैरसिया के मूड़रा तरावली निवासी जगदीश(35) पुत्र भंवरलाल बंजारा आैर उनकी पत्नी शांति(30) एवं उनकी एक साल की बच्ची रवीना की मौत हो गई।

Sunday, 2 October 2016

पाकिस्तान के अंदरूनी हालात ख़राब, सत्ता परिवर्तन की सम्भावना

पाकिस्तान के अंदरूनी हालात ख़राब, सत्ता परिवर्तन की सम्भावना:

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'नई दिल्ली। इस वक्त पाकिस्तान के अंदरूनी हालात बहुत खराब हो चुके हैं और सरकार बिल्कुल ही अप्रभावी सी नजर आ रही है एक तो पाक सेना वहां की नागरिक सरकार की सुन नहीं रही है और दूसरे विपक्षी पार्टियां भी उसे एक कमजोर सरकार मान रही हैं। इंसाफ पार्टी के सदर इमरान खान ने तो यहां तक कह दिया है कि पाकिस्तानी अवाम नवाज शरीफ जैसा बुजदिल नहीं है और हम सब अपनी सेना के साथ खड़े हैं. जब भी पाकिस्तान के अंदरूनी हालात खराब होते हैं और वहां की सेना और सरकार के बीच सामंजस्य बिगड़ता है, तब-तब सत्ता-पलट की आशंका बढ़ जाती है. दूसरी ओर, उड़ी आतंकी हमले के बाद से भारत और कुछ पड़ोसी देशों में पाकिस्तान- विरोध में जो भी गतिविधियां हुई हैं, उससे दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान कुछ अलग-थलग तो पड़ ही गया है। 

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पाकिस्तान के अंदरूनी हालात के मद्देनजर इस बात की संभावना बढ़ रही है कि वहां सत्ता-पलट हो सकता है. लेकिन, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक पाकिस्तान में जब-जब सत्ता-पलट हुआ, तब-तब पाकिस्तान को अमेरिका का समथर्न मिल जाता था और सत्ता-पलट के बाद अमेरिका उसे मान्यता दे देता था. अब देखना यह होगा कि क्या इस बार भी अमेरिका उसका साथ देगा, क्योंकि फिलहाल पाक-अमेरिका के बीच संबंध पूर्व की तरह बहुत अच्छे नहीं हैं. अमेरिका ने अपने आधिकारिक बयान में पाकिस्तान को फटकारा है कि वह परमाणु हमले की धमकी न दे। ऐसे में अगर पाकिस्तान में सत्ता-पलट होता है, तो उसकी निर्भरता सिर्फ चीन पर ही होगी।

भारत देश कभी जमीन का भूखा नहीं रहा: मोदी

भारत देश कभी जमीन का भूखा नहीं रहा: मोदी:

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'नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में प्रवासी भारतीय केंद्र का इनॉगरेशन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सालों से हम सुनते आए हैं कि देश में पढ़-लिखकर लोग विदेश चले जाते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि ब्रेन ड्रेन ब्रेन गेन में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत कभी भी जमीन का भूखा नहीं रहा।

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मोदीं ने यह भी कहा-
दिल्ली में रविवार को प्रवासी भारतीय केंद्र के इनॉगरेशन के मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह और एमजे अकबर मौजूद थे। मोदी ने कहा- की दुनिया का भारत को लेकर अट्रेक्शन बढ़ा है। हमें दुनियाभर में फैली इंडियन कम्युनिटी से जुड़ने की आवश्यकता है। "महात्मा गांधी प्रवासी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। पिछले दो साल में भारत के फॉरेन डिपार्टमेंट ने मानवता के मुद्दे पर अपनी साख बनाई है। 
दुनिया के कई देश विदेश में लोगों के फंसे होने पर भारत से संपर्क करते हैं। दुनिया में करीब 3 करोड़ लोग प्रवासी भारतीय हैं। कई देशों में प्रवासी भारतीयों की ताकत वहां के मुखिया पहचानते हैं। बता दें कि इससे पहले, वे महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे थे भारत कभी जमीन का भूखा नहीं रहा मोदी ने कहा- "यह देश कभी जमीन का भूखा नहीं रहा है, कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया। हमारे प्रवासी भारतीय विदेश जाकर राजनीति नहीं करता है। वहां के समाज से घुल मिल जाते हैं। लेकिन अपने उसूलों को हमेशा जीवित रखते हैं। भारत में टूरिज्म सेक्टर का बड़ा कारोबार है। दुनिया में 200 साल पुरानी विरासतें देखने को मिलती हैं, लेकिन हम 5 हजार साल से शुरू करते हैं।

आखिर, पंजाब में ही क्यूं खाली हुए 987 गाँव, और कही क्यों नहीं

आखिर, पंजाब में ही क्यूं खाली हुए 987 गाँव, और कही क्यों नहीं:

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'नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में प्रवासी भारतीय केन्द्र का उद्घाटन किया है. इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ब्रेन ड्रेन को ब्रेन गेन में बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के 150 देशों में प्रवासी भारतीय रहते हैं. कई देश ऐसे हैं जहां मिशन की शक्ति से कई गुनी शक्ति प्रवासी भारतीयों की हैं. मोदी ने कहा है कि दुनिया में भारत की पहचान अप्रवासी हैं उन्होंने कहा कि दुनिया में भारतीयों को लेकर जिज्ञासा बढ़ी है। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि हमें सिर्फ संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि शक्ति के तौर पर देखना चाहिए गांधी जयंती के मौके पर हैं प्रवासी भारतीय केन्द्र का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी भारत से बाहर गए थे, लेकिन देश की पुकार की वजह से वह भारत लौट आए. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत की थी और हम आज इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

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भारत ने अपनी साख बनाई है-
ऐसे समय, फीयर ऑफ अननोन एक बहुत बड़ी बाधा होती है. ये फीयर ऑफ अननोन को मिटाने की किसी में ताकत है तो वो हैं विश्वभर में फैले भारतीय. हमारे लिए आवश्यक है कि हम फैले हुए इस समुदाय से जुड़े. प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत से प्रवासी भारतीय यह अनुभूति करने लगे कि हम कहीं भी रहें हमारा ख्याल करने वाला कोई तो है। भारत ने अपनी साख बनाई है. एक प्रतिष्ठा अर्जित की है। दुनिया के किसी देश में अगर कहीं कोई फंसे हुए हैं तो दुनिया के अन्य देश अब हमें संपर्क कर रहे हैं. नेपाल में भूकंप आया, उसके बाद हम भारतीय भाईयों की चिंता कर सकते थे, लेकिन हम मानवता के आधार पर जिस-जिस की मदद कर सकते थे उनकी मदद की।
मानवता से हम प्रेरणा लेते हैं-
मानवता हमारा केंद्रीय इंस्पिरेशन रहा. जिसके आधार पर भारत को विश्व ने स्वीकार किया है. हमारी वर्तमान की घटनाओं से यह संभव हुआ है. भारत सरकार के वर्तमान व्यवहार के कारण यह कल्पना लोगों के हृदय में उतर गई कि यह देश कभी जमीन का भूखा नहीं रहा है, कभी किसी और पर आक्रमण नहीं किया है। किसी और के लिए हमारे डेढ़ लाख से अधिक जवान प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हो गए. लेकिन हम भारतीय विश्व को इसका अहसास नहीं करा सके. आज मैं कहीं जाता हूं और वहां इससे जुड़ा कोई भी छोटा से छोटा स्मारक बना है तो वहां जरूर जाता हूं। मानवता से लेकर सामर्थ्य तक विश्व को इसका अहसास कराते रहना जरूरी है।
भारतीय समुदाय निभा सकता है बड़ी भूमिका -
बहुत बड़ी भूमिका दुनियाभर में फैला भारतीय समुदाय निभा सकता है। वह दुनिया के विभिन्न देशों में जाकर राजनीति नहीं कर रहा और न ही सत्ता हथियाने का प्रयास करता है। भारतीय समुदाय से विश्व के किसी देश को दिक्कत नहीं होती. वह वहां के समाज में योगदान देता है पानी की तरह हमारे देश के लोग घुल मिल जाते हैं. पर्यटन के लिए भारत में अपार संभावना है। मानव विकास की महान विरासत देखनी है तो भारत आएं हम लोगों को आर्किटेक्ट से लेकर यहां की पांच हजार साल पुरानी चीजें दिखाएंगे।

Friday, 29 July 2016

7th Pay Commission''s Notification issued

New Delhi:


The Union government on Tuesday issued notification for the implementation of the 7th Pay Commission recommendations related to the hike in basic pay and pension. With the issuance of notification, 4.8 million central government employees and 5.2 million pensioners will get the increased payout for their August salaries. The notification is dated July 25, 2016.